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प्राकृतिक विपदाओं से बचने एवं दूसरों को बचाने के लिए जागरूकता वेहद जरूरी :डाक्टर एमपी सिंह

अरुणोदय उत्कर्ष /अरूण सिंह चंदेल, फरीदाबाद 21 अगस्त 2019 - फरीदाबाद के सेक्टर 12 में इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी भवन में प्रोफेशनल प्राथमिक सहायता प्रशिक्षण शिविर का आयोजन जिला प्रशिक्षण अधिकारी के द्वारा रेड क्रॉस सोसायटी के सचिव के आदेशानुसार किया गया जिसमें प्राथमिक सहायता के अधिकृत लेक्चरर डॉ एम पी सिंह ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देते हुए कहा कि बाढ़ का समय चल रहा है यदि कोई व्यक्ति पानी में डूब जाता है तो उसको पानी से निकाल कर उसके पानी को निकाल देना चाहिए यदि वह होश में है तो रिकवरी पोजिशन में डाल देना चाहिए यदि वह बेहोश है तो उसे सीपीआर देकर होश में लाना चाहिए उस समय पर डॉक्टर नहीं बनना चाहिए जितना जानते हैं उससे कम करना चाहिए समय को बर्बाद नहीं करना चाहिए डॉ एमपी सिंह ने कहा कि यदि उस समय नमक की बोरी उपलब्ध है तो उसके पानी को निकाल कर कुछ समय के लिए उस पर लिटा देना चाहिए वह नमक व्यक्ति के पानी को सोख लेता है और जल्दी से वह आदमी होश में आ जाता है डॉ एमपी सिंह ने कहा कि बाढ़ के दौरान बहुत सारे जहरीले जीव जंतु पानी में आ जाते हैं और घरों में घुस जाते हैं लोगों को काट लेते हैं जिससे इंसान मर जाता है लेकिन पानी में रहने वाले सांप में जहर नहीं होता है डरना नहीं चाहिए पानी की लहरों से सांप का जहर खत्म हो जाता है लेकिन फिर भी सांप के काटने का इलाज करना चाहिए डॉ सिंह ने सभी प्रतिभागियों को कहा कि शहर के जिस भाग में भी आप रहते हैं बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में जाकर उन लोगों की मदद करें और उन्हें जागरूक करें यदि हाथ पैर टूट जाता है उसमें से खून निकल आता है तो खून के रोकने की विभिन्न विधियों को विस्तार पूर्वक बताया डॉक्टर एमपी सिंह ने कहा कि किसी के मनोबल को नहीं गिराना चाहिए बल्कि विनम्रता उदारता और इंसानियत का परिचय देना चाहिए सभी के साथ में मीठा बोलना चाहिए उनको हिम्मत देनी चाहिए यदि आप उनका हौसला अफजाई करते हैं तो उनको अपनापन महसूस होता है ऐसे समय पर आप जैसे लोगों की बहुत जरूरत होती है क्योंकि वह अपने घर छोड़कर टेंटों में आ जाते हैं या सरकार के द्वारा शेल्टर जो उपलब्ध कराए जाते हैं उन में रहकर अपना भरण-पोषण करते इस अवसर पर समाज व प्रशासन के लोग उनको जैसा भोजन देते हैं वैसा ही वह खाते हैं उनके बारे में हमें सोचना चाहिए डॉ एम पी सिंह ने इंसानियत का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि प्राकृतिक प्रकोप से बचना बहुत मुश्किल है जागरूक इंसान ही स्वयं अपने आप को बचाते हुए अन्य लोगों के बचाव पक्ष में काम कर सकता है इस अवसर पर डॉ एमपी सिंह ने सांप बिच्छू पागल कुत्ते के काटने पर क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए उसकी विस्तृत जानकारी दी आंख कान नाक में बाहरी वस्तुओं का प्रवेश कर जाना शरीर में पानी भर जाना बिजली का झटका लग जाना हड्डी टूट जाना मोच आ जाना जल जनित बीमारियों का हो जाना संक्रमण फैल जाना आदि के बारे में भी विस्तारपूर्वक बताया तथा गोल्डन आवर में जान बचाने के तरीकों का प्रैक्टिकल भी कराया




Pradeep