arunodayautkarsh Logo
arunodayautkarsh advertisement

बुन्देलखण्ड के बांदा जिले में एक गांव ऐसा भी, जहां अंधेरे गर्दी की सारी हदें पार :

अरुणोदय उत्कर्ष /अरूण सिंह चंदेल, बांदा (उत्तर प्रदेश) 11 जुलाई बांदा मुख्यालय से महज 4 7 किलोमीटर दूर, तहसील अतर्रा, ब्लाक विसन्डा के अन्तर्गत आने वाले गांव बल्लान में तीन बड़े बड़े तालाबों थे जिनकी 75% भूमि ग्राम पंचायत एवं तहसील अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध कब्जा करा दिया गया है। यही नहीं इस गांव में एक बेहद खूबसूरत पहाड़ भी हैं जिस पर भी कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। इस गांव की 80% शासकीय जमीन को पैसे लेकर कब्जा करा दिया गया है। ग्राम पंचायत की बैठकों के लिए शासकीय पैसों से तैयार किया गया भवन भी लोगों के कब्जे में हैं। इस गांव में आज भी 70% लोग खुले में शौच के लिए मजबूर हैं। इस गांव के विद्यालयों में कभी भी गंदगी के ढेर देखने को मिल जायेगें। बरसात के दिनों में इस गांव के विद्यालयों को देखते ही आत्मा कांप जाती है। गांव में पानी की टंकी है लेकिन पानी से दबंगों के खेतों की सिंचाई की जाती है। इस गांव में शासकीय भूमि को इस तरह से लूटा गया कि न बच्चों को खेलने के लिए पार्क बन सकता, न शासकीय अस्पताल और तो और श्मशानघाट तक बनाने की जमीन तक नहीं छोड़ी गई है। ऐसे में क्या यह जिला प्रशासन एवं प्रदेश प्रशासन की जुम्मेदारी नहीं बनती, इतने विशाल रुप में हुई इस अन्धेरे गर्दी की गहराई से जांच पड़ताल हो।




Pradeep