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अघोषित नोटबंदी से जूझ रहा एसबीआई

New Delhi News, 24 March 2018 ; स्टेट बैंक आफ इंडिया अघोषित नोटबंदी से जूझ रहा है. बैंक के पास कैश नहीं है. इसका नतीजा यह है कि बैंक के एटीएम पर ताला लटक रहा है. शुक्रवार को पब्लिक को एसबीआई के एटीएम से कैश नहीं मिला. वैसे प्राइवेट सेक्टर के बैंकों को छोड़ दिया जाय तो सरकारी लगभग सभी बैंकों का यही हाल है. इसके चलते एक साथ कई काम प्रभावित हो रहे हैं. असर ये भी हो सकता है कि कुंभ मेला की तैयारियां प्रभावित होने लगे. इसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को भी है, लेकिन अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया. कुंभ के लिए नहीं बचे पैसे 2019 में होने वाले कुंभ मेला के काम प्रायरिटी पर हो रहे हैं. सरकार ने पहले ही कहा है कि अधिकतर भुगतान आरटीजीएस के जरिए किए जाएंगे. बावजूद इसके कई भुगतान कैश में होने हैं. इसे देने में एसबीआई खुद को असमर्थ महसूस कर रहा है. बैंक के अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में लेबर रोजाना खाते से पैसा निकालने आते हैं. आने वाले समय में उनकी संख्या बढ़ जाएगी और हर महीने लाखों-करोड़ों रुपए की आवश्यकता होगी. लगातार ड्राई हो रहे एटीएम एसबीआई मेन ब्रांच से 72 एटीएम जुडे़ हैं. इनमें से 75 फीसदी अब तक पूरी तरह ड्राई हो चुके हैं. बाकी भी अगले दो से चार दिन में बंद हो जाएंगे. कारण साफ है. भरपूर कैश नहीं आने से एटीएम में रोजाना पैसा डालना मुश्किल साबित हो रहा है. अधिकारियों का तो यहां तक कहना है कि जल्द ही पैसा नहीं आया तो मेन ब्रांच के एटीएम भी ड्राई हो सकते हैं. छोटी ब्रांचों में हो रही है बहस चेस्ट में पैसा नहीं होने से एसबीआई की छोटी ब्रांचों में नकद निकालने वालों से रोजाना कर्मचारियों की बहस हो रही है. बताया जा रहा है कि कर्मचारी दस से पंद्रह हजार से अधिक कैश नहीं दे पा रहे हैं. लोग लंबी रकम की मांग कर रहे हैं. एटीएम में पैसे नहीं होने से बैंक में भीड़ बढ़ रही है. आर्मी में दूर-दराज पोस्टिंग पाए जवानों के परिवार को कैश देना भी मुश्किल हो रहा है. बताया जा रहा है कि एक बड़ी संख्या में आर्मी के जवानों का खाता बैंक में है और वे अपने घर के खाते में सैलरी ट्रांसफर कर देते हैं. यह पैसा परिजन निकालने आते हैं और हर महीने ऐसे करोड़ों का भुगतान करना होता है.




Pradeep