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यू. जी. सी. की सिफारिशों के अनुसार छात्रों को किया जाए अगली कक्षा में प्रमोट:- हिमांशु भट्ट

अरुणोदय उत्कर्ष न्यूज, फरीदाबाद(हरियाणा), 20 मई - कोरोना वायरस के बचाव को लेकर देश में लॉकडाउन लागू किया गए है जिसके कारण स्कूल व कॉलेज बंद है और विद्यार्थियों की शिक्षा का नुकसान हो रहा है। इस लॉकडाउन में शिक्षा पद्धति को शुरू करने के लिए ऑनलाइन क्लासेज का प्रवधान रखा गया है। जोकि एक अच्छा कदम है। परन्तु इस प्रणाली का उपयोग हर विद्यार्थी नही कर पा रहा है। इसलिए फाइनल वर्ष के विद्यार्थियों को छोड़कर अन्य को अगली कक्षा में किसी एक विषय पर शोध कार्य के आधार पर प्रमोट किया जाए। इसी मांग को लेकर सोमवार को हरियाणा प्रदेश के सर्वश्रेठ युवा (खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग हरियाणा सरकार) हिमांशु भट्ट के द्वारा मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार व शिक्षा मंत्री हरियाणा सरकार के नाम जिला उपायुक्त श्रीमान यशपाल यादव जी को ज्ञापन सौपा गया।हरियाणा प्रदेश के सर्वश्रेष युवा हिमांशु भट्ट ने बताया की लॉकडाउन की वजह से सरकार व विश्वविद्यालय मिलकर ऑनलाइन कक्षा चला रहे है। जोकि काबिले तारीफ है मगर ऑनलाइन कक्षाए आम छात्रों के लिए नई चीज है। और अभी वे पूरी तरह इसको समझने में असमर्थ है तथा ग्रामीण आँचल व दूसरे प्रदेशों से पढ़ने वाले छात्रों को इसमें काफी परेशानी का सामना करना पड रहा है। अगर सरकार ऑनलाइन परीक्षा के बारे में सोच रही है तो ये रास्ता हर छात्र तक शिक्षा पहोचने का सही रास्ता नही रहेगा। क्योंकि हर विद्यार्थी और शिक्षक इस प्रक्रिया को इतनी जल्दी समझ पाए यह इतना आसान नही है। इन समस्यों को ध्यान में रखते हुए हिमांशु भट्ट द्वारा जिला उपायुक्त के माध्यम से शिक्षा विभाग के लिए शोध कार्य के आधार पर विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रमोट करने हेतु सुझाव दिए गए। और जैसा की सभी जानते है कि शोध कार्य शिक्षा प्रणली का एक अहम हिस्सा है। अपने देश को छोड़ कर अधिकतर देशों में इसी प्रणली के माध्यम से शिक्षा प्रदान की जाती है। आज के इस कठिन दौर में प्रधानमंत्री जी ने देश को आत्मनिर्भर बनाने का सन्देश दिया है ऐसे में शोध के माध्यम से शिक्षा को बढ़ावा देना देश को आत्मनिर्भरता की और ले जाने के लिए अच्छा कदम होगा।इसके अलावा हिमांशु भट्ट द्वारा जब इस सुझाव के लिए शहर व प्रदेश के युवाओं से जब बात-चीत की गई तो सभी ने इसे सरहा एवं जिला उपायुक्त ने भी इन सुझावों को सुनाने के बाद इनको सरकार तक पहोचने का आश्वसन दिया गया। सुझाव:- अतः मेरे कुछ सुझाव है जो शायद आज के इस कठिन दौर में शिक्षा प्रणाली को बेहतर कर सकते है। 1) ऑनलाइन क्लासेज की जगह छात्र को किसी एक विषय पर शोध कार्य( Research Work) करने को कहा जाए और उसकी बनाई हुई रिपोर्ट के आधार पर उसका परीक्षा परिणाम घोषित किया जाये। 2) थ्योरी पर ज्यादा ध्यान ना देते हुए अब तक पढ़े हुए विषयों पर आधारित प्रैक्टिकल प्रेजेंटेशन बनवाई जाए। और छात्रों को बिना परीक्षा लिए शोध कार्य के आधार पर पास किया जाये।




Pradeep